Garbh Avastha

गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में प्रसव पूर्व जांच

lady with prenatal screening tests in 2nd trimester result

सबसे पहले, सभी माताओं को अपनी अविश्वसनीय गर्भावस्था यात्रा के दूसरे तिमाही में पहुंचने के लिए बहुत-बहुत बधाई। हम जानते हैं कि यहां तक पहुंचना कठिन रहा है, लेकिन इस बात पर भरोसा रखें कि परिणाम उतने ही फलदायी और संतोषजनक होंगे जितने कि प्रयास। हम अच्छी तरह जानते हैं कि आप बहुत सारे body changes और mood swings से deal कर रहे होंगे जो बहुत डराने वाले होंगे, लेकिन आप अच्छा कर रहे हैं और साथ में हम इस यात्रा को आप लोगों के लिए लाभकारी और आनंदमयी बना देंगे। और आपको अपनी आगे की गर्भावस्था यात्रा के लिए और भी अधिक तैयार करने के लिए, हम आज गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में प्रसव पूर्व जांच के बारे में बात करेंगे।

अपनी पहली तिमाही में कई जाँच से गुजरने के बाद, आप सोच रहे होंगे कि अगर मुझे शुरुआत में इतने सारे जाँचसे गुजरना पड़ा तो पहली तिमाही के बाद क्या होगा? तो हम इस पर सिर्फ एक बात कहना चाहते हैं, कि ये जाँच सिर्फ आपकी देखभाल के लिए हैं और यह समझने के लिए है की आपका बच्चा अच्छे से विकास कर रहा है। गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में प्रसव पूर्व जांच में कई रक्त जाँच शामिल होते हैं, जिन्हें multiple marker भी कहा जाता है। ये marker कुछ genetic conditions या birth issues वाले बच्चे के होने के risk के बारे में बताते हैं। इस जाँच में गर्भावस्था के 15वें से 20वें सप्ताह के बीच आपका रक्त सैम्पल लिया जाएगा। यह सैम्पल आपके बच्चे और आपके शरीर की condition जानने के लिए अलग-अलग जाँच से गुजरेगा।

चलिए इन तकनीकी चीजों को एक पल के लिए अलग रखिए और पहले हमें कुछ दिलचस्प बताएं। आपकी गर्भावस्था कैसी चल रही है? क्या आप उत्साहित हो? active हो? क्या आप positive activities में शामिल हो जैसे चलना, हंसना, योग, स्वस्थ भोजन, और इस तरह की चीजें? यदि नहीं तो इन सभी चीजों के साथ शुरुआत करें।

अब काफी बातें हो चुकी, आइए चलते है गर्भावस्था की दूसरी तिमाही के लिए प्रसवपूर्व जाँच की सूची में।

गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में प्रसव पूर्व  जांच की सूची

आपकी गर्भावस्था के दूसरे तिमाही में, ज़्यादा जाँच नहीं होती। ये जाँच मुख्य रूप से आपके बच्चे के विकास स्तर और स्वास्थ्य की पूरी जांच करने के लिए हैं प्रत्येक तिमाही में आपके लिए प्रसव पूर्व जाँच महत्वपूर्ण हैं जो यह जांचते हैं कि सब कुछ कंट्रोल में है। इन जाँच के बाद, आपका डॉक्टर कुछ दवाएं दे सकता है और आपको सावधानियों और खाने के पैटर्न के बारे में बता सकता है। तो चलिए बिना किसी और विराम के सीधे इसमें आते हैं:

1. अल्ट्रासाउंड

यह जाँच का सबसे सामान्य रूप है, जिससे आप गर्भावस्था की अवधि के दौरान कई बार गुजरेंगी। लेकिन दूसरी तिमाही में, अल्ट्रासाउंड अधिक विस्तृत होगा। इसे भ्रूण शरीर रचना सर्वेक्षण (Fetal Anatomy Survey) भी कहा जाता है जिसका उपयोग सिर से पैर तक बच्चे के विकास का assessment करने के लिए किया जाता है। चूंकि दूसरी तिमाही का अल्ट्रासाउंड शिशु में संभावित समस्याओं को point out नहीं कर सकता, इसलिए आपको अतिरिक्त जाँच भी करने होंगे।

अल्ट्रासाउंड प्रक्रिया का मजेदार हिस्सा यह है कि आप अपने बच्चे की हाथ और पैर की उंगलियों को बढ़ते हुए देख सकती हैं। यह बहुत प्यारा है, है ना? सभी अल्ट्रासाउंड प्रक्रियाएं समान होती हैं जिसमें डॉक्टर पेट के निचले हिस्से पर एक जेल लगाते हैं और फिर जेल पर एक ट्रांसड्यूसर रोल करते हैं जो मशीन को ध्वनि तरंगें भेजता है। अब आप अपने बच्चे के दिल की धड़कन भी सुन सकते हैं और उसे अपने अंदर हिलते-घूमते हुए भी देख सकते हैं।

2. चौगुना जाँच

चौगुनी जाँच चार स्तरीय प्रसवपूर्व जाँच है, जो बच्चे में डाउन सिंड्रोम (Trisomy 21), एडवर्ड्स सिंड्रोम (Trisomy 18), सीपना बिफिडा (Sipna Bifida) और अनेनसेफली(Anencephaly) की संभावित संभावनाओं को मापता है। यह शिशु में इन स्थितियों के risk factor का assessment करता है। हालांकि यह जाँच वैकल्पिक है, माता-पिता को इस जाँच के लिए जाने की सलाह दी जाती है। यह आपको आपके बच्चे के बारे में बहुत कुछ बताएगा और कुछ condition में आपको मानसिक रूप से पहले से तैयार भी करेंगा।

3. Percutaneous Umbilical Blood Sampling (PUBS)

परक्यूटेनियस अम्बिलिकल ब्लड सैंपलिंग (Percutaneous Umbilical Blood Sampling) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग भ्रूण के रक्त के नमूने को प्राप्त करने के लिए किया जाता है जिसका उपयोग कुछ असामान्यताओं के विश्लेषण के लिए किया जाता है। यह नैदानिक जाँच (जिसे कॉर्डोसेन्टेसिस/Cordocentesis, भी कहा जाता है) का उपयोग डाउन सिंड्रोम और blood disorders जैसे एनीमिया और कुछ infections को इंगित करने वाले chromosome abnormalities का पता लगाने के लिए किया जाता है।

इस प्रक्रिया में, मां के पेट के माध्यम से गर्भनाल की नस में एक महीन सुई डाली जाती है। यह प्रक्रिया सुरक्षित है फिर भी कुछ मामलों में गर्भपात की संभावना होती है। यह एक वैकल्पिक परीक्षा है। इसलेखमें इस जाँच के बारे में और जानें।

4. रक्तजाँच

आपके शरीर के हार्मोनल स्तर का पता लगाने के लिए आपकी गर्भावस्था के दूसरे तिमाही में कुछ basic रक्त जाँच भी किए जाते हैं। ग्लूकोज स्तर, प्रोटीन स्तर, मूत्र जाँच, हीमोग्लोबिन, थायरॉयड और पूरे शरीर की स्वास्थ्य जांच, आमतौर पर मां की बांह से सीमित मात्रा में रक्त निकालकर की जाती है इस रक्त का अच्छी तरह से assessment किया जाता हैं, जो शरीर के बारे में विस्तार से जानकारी देता हैं।

निष्कर्ष

ये दूसरी तिमाही में कुछ सामान्य प्रसव पूर्व जाँच हैं जो एक माँ को गर्भावस्था के दौरान अनुभव करने पड़ते हैं। हम जानते हैं कि आप अपने बच्चे को लेकर बेहद उत्साहित हैं और जागरूक भी। इस तिमाही में आपको शिशु के स्वास्थ्य को संभालने में सावधानी बरतनी होगी। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण और sensitive stage है। भ्रूण एक सेब के आकार तक बड़ा हो गया है और दूसरी तिमाही समाप्त होने तक गोभी के आकार तक बढ़ जाएगा। क्या यह दिलचस्प नहीं है? हां, फलों और सब्जियों के साथ भ्रूण के आकार की तुलना करना आसान है। इससे भ्रूण के आकार को आसानी से समझने में मदद मिलती है!

हम आप दोनों और आपके प्यारे बच्चे को प्यार भेजते है और हम आपकी पूरी यात्रा में आपके साथ है। तो, अब अपने बेबी की देखभाल करने के लिए एक अच्छा समय है। स्वस्थ खाएं, फिट रहें और हीरे की तरह चमकें। तब तक इस तरह के और उपयोगी कंटेंट के लिए शेपशिफ्टिंग मॉम्स को फॉलो करें और अपनी मॉम के अनुभव को और भी खास बनाएं।

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