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गर्भावस्था के दौरान सांस लेने की 5 बेसिक एक्सरसाइज

गर्भावस्था के दौरान सांस लेने के व्यायाम

मातृत्व का विचार अपने साथ एक जादुई अनुभव लेकर आता है, लेकिन कभी-कभी बच्चे को संभालना नई माँ के लिए भारी पड़ सकता है। क्या हॉर्मोन्स में बदलाव आपको भावनात्मक रूप से थका हुआ महसूस करवा रहे हैं? यदि ऐसा है, तो गर्भावस्था के दौरान आप सांस लेने की कुछ आसान एक्सरसाइज कर सकते हैं और चिंता और तनाव से बच सकते हैं।

आइए साँस लेने की कुछ तकनीकों पर नज़र डालें, जो वर्षों से महिलाओं को अपने शरीर और दिमाग की देखभाल करने में मदद कर रही हैं, जिससे वे आराम, स्वस्थ और मजबूत महसूस कर सके। अक्सर यह कहा जाता है कि एक औसत इंसान 3 दिनों तक बिना पानी के रह सकता है, लेकिन बिना हवा के 3 मिनट रहने की कोशिश करें।

ध्यानपूर्वक साँस लेना स्वस्थ गर्भावस्था का एक बेहतरीन तरीका है – अगर भरोसा न हो तो, नीचे दी गई तकनीकों का प्रयास करें, और अंतर महसूस करें!

गर्भावस्था के दौरान सांस लेने की 5 बेसिक एक्सरसाइज

गर्भावस्था के दौरान प्रभावी साँस लेने की एक्सरसाइज से माँ और उसके भीतर विकसित होने वाले बच्चे दोनों को मदद मिलती है। शरीर को ठंडा करके और मन को शांत करके, साँस लेने की तकनीक हॉर्मोन्स में बदलाव को संतुलित करती है और इसी कारण, इमोशनल आउटबर्स्ट को दूर करने में मदद करती है जो गर्भावस्था के दौरान सामान्य से अधिक होते हैं।

1. अपनी मॉर्निंग सिकनेस और इसके साथ होने वाली थकान को दूर करें

क्या हलचल और मिचली, आपको बिस्तर से उठने नहीं दे रही?

जमीन पर एक आरामदायक जगह खोजें और अपने पैरों को क्रॉस करके बैठ जाएं। जैसे ही आप अपने शरीर को आराम देना शुरू करते हैं, अपने पेट और गले की परेशानी से अपना ध्यान नीचे की ठंडी जमीन पर ले जाएं। धीरे-धीरे, अपने अंदर देखें और अपनी सांसों के लयबद्ध (Rhythmic) पैटर्न पर ध्यान दें।

प्रत्येक गहरी सांस के साथ आप श्वास लेते हैं और छोड़ते हैं, कल्पना करें कि आपका तनाव उस जमीन में समा रहा है जहाँ आप बैठे हो। जैसे ही आप आराम करते हैं और धीरे-धीरे सांस लेना शुरू करते हैं, अपना ध्यान उस हवा पर लाएं जो आपके फेफड़ों को भरती है। कुछ ही मिनटों में आप शांत और आराम महसूस करना शुरू कर देंगे। व्यायाम के ठीक बाद एक पावर नैप आपको थकान और मांसपेशियों में दर्द से निपटने में मदद कर सकता है जो मॉर्निंग सिकनेस (विशेषकर गर्भावस्था के शुरुआती चरणों के दौरान) के साथ आता है।

2. भरपूर ऑक्सीजन लेना और बॉडी वेस्ट को दूर करना

योगा मैट को बिछा दें और फिर मैट पर अपने पेट को ऊपर की ओर करके लेट जाएं। जब आप फर्श पर आराम करना शुरू करते हैं तो अपने पेट के ऊपर गेंद की तरह एक छोटी वस्तु रखें। जैसे ही आप धीरे-धीरे अपना ध्यान प्रत्येक श्वास लेने और साँस छोड़ने पर लाएं, इस वस्तु को अपनी सांस की लय के साथ ऊपर और नीचे ले जाएँ। इस वस्तु पर ध्यान केंद्रित करें क्योंकि आप इसे गहरी सांस लेते हुए ऊपर और नीचे ले जाते हैं।

ऐसा करते समय आपकी नसों को और अधिक शांति मिलेगी। इसे बेली ब्रीदिंग या ‘डायाफ्रामिक ब्रीथिंग’ (Diaphragmatic Breathing) के रूप में भी जाना जाता है, यह तकनीक गर्भावस्था के दौरान ऑक्सीजन की मात्रा को लगभग 33.33% तक बढ़ा सकती है। यदि नियमित रूप से किया जाता है तो यह बॉडी वेस्ट को नियंत्रित और दूर करने में मदद कर सकती है।

3. थोड़ा और ऑक्सीजन

बेली ब्रीदिंग अभ्यास सबसे अच्छा काम तब करता है जब इसके बाद छाती से साँस लेने के व्यायाम किए जाए। डायाफ्रामिक ब्रीदिंग (diaphragmatic breathing) के 5 मिनट के बाद, अपने पैरों को क्रॉस करके बैठें और धीरे-धीरे सांस लेते और छोड़ते रहें। प्रत्येक गहरी सांस के साथ, अपने पसली के पिंजरे और ‘वक्ष गुहा’ (Thoracic Cavity) का विस्तार और संकुचन महसूस करे।

4. गहरी सांस लेने से कब थकान होने लगती है

गहरी साँस लेने के लिए, पहले थोड़ा रुकें और हलकी साँस लेने का अभ्यास करें। ऊपर बताई गई गहरी साँस लेने की प्रैक्टिस के साथ वैकल्पिक रूप से हलकी साँस लेने से, फेफड़ों को एक धक्का मिलता है और आपको और अधिक आराम देते हुए गहरी साँस लेने में मदद मिलती है।

गहरी साँस के व्यायाम के बीच में एक मिनट के लिए हलकी साँस ली जा सकती है, या जब आप गहरी साँस लेने के लिए नए राउंड की तैयारी करते हैं तो भी इसका अभ्यास किया जा सकता है।

5. अतिरिक्त मेटाबोलिक गर्मी को ठंडा करना

गर्भवती महिलाएं विभिन्न हार्मोनल परिवर्तनों और मेटाबोलिक में वृद्धि से गुजरती हैं, जिसके परिणामस्वरूप उनके शरीर का ताप सामान्य से अधिक होता है। विभिन्न प्राणायाम जैसे ‘शीतली और शीतकारी’ शरीर के तापमान को कम करने में मदद कर सकते हैं और आपको पहले की तुलना में ठंडा महसूस करा सकते हैं।

अपने शरीर को ठंडा करने के लिए, अपने मुंह से सांस लेना शुरू करें। ऐसा करने के लिए, अपनी जीभ को बाहर निकालें और इसे एक स्ट्रॉ (शीतली) में रोल करें। जब आप अपनी विस्तारित जीभ के माध्यम से श्वास लेते हैं, तो अपने मुंह के माध्यम से अपने शरीर में प्रवेश करने वाली ठंडी हवा और अपने नथुने से निकलने वाली गर्म हवा को महसूस करें। सांस लेने के कुछ मिनटों के बाद, आप इस तकनीक को शीतकारी व्यायाम के साथ बदल बदल कर सकते हैं।

शीतकारी प्राणायाम के लिए, अपने होठों को थोड़ा चौड़ा और चौड़ा होने दें (जैसे जब आप मुस्कुराते हैं) जैसे आप मुंह से ठंडी हवा लेते हैं और अपनी नाक से गर्म हवा बाहर निकालते हैं।

इन दोनों प्राणायामों को न केवल शरीर को ठंडा करने के लिए जाना जाता है बल्कि तनाव, चिंता और उच्च रक्तचाप से भी लड़ने के लिए जाना जाता है। इन तकनीकों का अभ्यास करने से आपका पेट स्वस्थ रहेगा और आपको मानसिक शांति का अनुभव होगा।

इफेक्टिव ब्रीथिंग के माध्यम से प्रसव पीड़ा को आसान बनाना

सही साँस लेने की तकनीक, यदि पर्याप्त समय तक अभ्यास की जाती है (ताकि वे तनाव के लिए एक स्वायत्त प्रतिक्रिया बन जाए), तो न केवल गर्भावस्था के दौरान चिड़चिड़ापन से लड़ने में मदद कर सकती है, बल्कि आपको प्रसव के दौरान पीड़ा सहन करने में भी मदद कर सकती है।

1. संकुचन/Contraction के माध्यम से सांस लेना

संकुचन के दर्द के दौरान बात करना बेहद मुश्किल हो सकता है। इसके बजाय धीमी गति से सांस लेने का प्रयास करें। जब प्रसव पीड़ा शुरू होती है, तो मन में काउंटिंग करने के साथ अपनी श्वास को धीमा करें और आराम करने के लिए साँस छोड़ते हुए अपनी मांसपेशियों को सीमित करें। सांस लेने की धीमी कला के साथ आराम करने से आपको तीव्र संकुचन से राहत में मदद मिल सकती है।

2. तेज़ प्रसव पीड़ा के लिए हल्की श्वास

क्या आपने कुत्ते को हांफते देखा है?

जैसे ही आप प्रसव पीड़ा के सक्रिय चरण के करीब पहुंचते हैं, हांफते हुए कुत्ते को याद करें और हल्की सांस ले। संकुचन के बीच में प्रति सेकंड तेजी से एक शांत सांस ले और एक स्पष्ट रूप से सुनाई देने योग्य साँस छोड़े।

3. साँस छोड़ना

जैसे-जैसे आपका गर्भाशय फैले, तब धीमी गति से साँस छोड़े। 5-6 हल्की सांसें लें और फिर लंबी सांस के साथ झटके से सांस छोड़ें। इसके बाद गहरी सांस लें और अपने शरीर को आगे की ओर मोड़ें। नीचे झुकते रहें, और अपनी सांस रोक कर रखें और पेल्विक फ्लोर को आराम देने की कोशिश करें।

इस पैटर्न का पालन करने से आपको दर्द को कुशलतापूर्वक कम करने में मदद मिलेगी।

चेतावनी

गर्भावस्था के दौरान सांस रोककर रखने का अभ्यास नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो सकता हैं और बच्चे को जरुरी ऑक्सीजन से समझौता करना पड़ सकता हैं। नाश्ते के बाद सांस लेने के व्यायाम शुरू करने से पहले एक या दो घंटे प्रतीक्षा करने की भी सलाह दी जाती है। भारी भोजन और किसी भी तरह के सांस लेने के व्यायाम के बीच कम से कम तीन घंटे का अंतराल बनाए रखना चाहिए।

समापन!

लगभग सभी गर्भावस्था स्थितियों को सही सांस लेने की तकनीक से संभाला जा सकता है। एक तरफ, यह आपको दर्द का मैनेज करने और अपने आप को शांत करने में मदद करता है जबकि दूसरी तरफ यह तब भी काम आता है जब आप लोगों की सलाह सुन सुन कर परेशान हो गए हो और बस आराम करने के लिए कुछ मी-टाइम ढूंढना चाहते हों।

इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान सांस लेने के व्यायाम तब भी काम करते हैं जब आप रात में सो नहीं पाते हैं। बस आगे बढ़ें, आराम करें और देखें कि आप धीरे-धीरे गहरी नींद में जा रहे हैं!

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